इंदौर की आबादी 40 लाख पार !

किल कोरोना अभियान से मिला जिले की आबादी का प्रामाणिक आंकड़ा…

इंदौर कीर्ति राणा
जिले में चले किल कोरोना अभियान में विभिन्न रोगों से ग्रस्त मरीजों का डाटा बेस तो तैयार हुआ ही है,सतत एक पखवाड़े चले इस अभियान में जिले की कुल आबादी की प्रामाणिक जानकारी भी सामने आई है।अब तक यही माना जाता था कि जिले की आबादी 25-30 लाख ही है किंतु यह जानकर आश्चर्य होगा कि इंदौर शहर की आबादी ही 40 लाख 12 हजार 49 है। इसमें जिले की ग्रामीण आबादी मिलाने पर यह आंकड़ा 47 लाख से अधिक का हो रहा है।जिले की आबादी के इस प्रामाणिक आंकड़े के बाद अब कर्मचारी संगठन महानगरीय भत्ते व अन्य सुविधाओं की मांग उठा सकते हैं।
जिला प्रशासन ने एक जुलाई से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में किल करो अभियान युद्धस्तर पर चलाया था।15 जुलाई को समाप्त हुए इस अभियान के दौरान 2831 टीम के 8500 कर्मचारियों ने घर घर दस्तक देकर रहवासियों के नाम, पते, मोबाइल नंबर आदि नोट करने के साथ ही 12 बीमारियों को लेकर जानकारी जुटाई थी।इन 12 बीमारियों में तनाव, शुगर, कैंसर, सांस संबंधी परेशानी, हार्ट डिजिज, गर्भवती महिलाएं, सीओपीडी, ब्रोंकाइटिस, किडनी संबंधी, असाध्य रोग, अस्थमा और अन्य बीमारी पर परिवारों के हर सदस्य की नामजद जानकारी जुटाई गई।जबकि कोरोना के बाद बनी स्थिति में सैकड़ों परिवार तो अस्थायी रूप से शहर छोड़कर जा चुके हैं और इन घरों में ताले लगे हैं।शऔर जिले के गांवों में किए सर्वे के आधार पर तैयार डॉटाबेस में यह पुख्ता जानकारी एकत्र हुई है कि इंदौर शहर की आबादी 4012049 तक पहुंच गई है, इसमें ग्रामीण क्षेत्र की आबादी 7 लाख जोड़ने पर इंदौर जिले की कुल आबादी ही 47 लाख से अधिक हो गई है। इसमें वो 7 लाख लोग (फ्लोटिंग पापुलेशन) शामिल नहीं है जो रोजगार, पढ़ाई आदि के संबंध में अन्य जिलों, राज्यों से आवाजाही रहती है।
किल कोरोना अभियान के पहले चरण में तैयार हुए इस डॉटाबेस से अब कोरोना सहित अन्य बीमारियों की रोकथाम में जिला प्रशासन को फॉलोअप में मदद मिलेगी।सर्वे करने वाली टीमें अब दूसरे और तीसरे चरण में ऐसे परिवारों से निरंतर संपर्क में रह सकेंगी जिन परिवारों के लोग उक्त 12में से किसी न किसी बीमारी के शिकार हैं।
किल कोरोना अभियान : इन 12 बीमारियों
को आधार बना कर किया गया सर्वे
इंदौर जिले में 1से 15 जुलाई के दौरान 2831 टीम के 8500 कर्मचारियों ने इन 12 बीमारियों में तनाव, शुगर, कैंसर, सांस संबंधी परेशानी, हार्ट डिजिज, गर्भवती महिलाएं, सीओपीडी, ब्रोंकाइटिस, किडनी संबंधी, असाध्य रोग, अस्थमा और अन्य बीमारी पर परिवारों के हर सदस्य की नामजद जानकारी जुटाई है।

“इंदौर में पहली बार इतना वृहद सर्वे हुआ है। आने वाले दिनों में इसी आधार पर बीमारियों से लड़ा जाएगा।” -मनीष सिंह, कलेक्टर, इंदौर

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