2015 जैसी करनी वैसी भरनी वाला होगा

नया अंग्रेजी वर्ष-साल 2015 जैसी करनी वैसी भरनी वाला होगा। इस वर्ष का राजा न्याय प्रिय ग्रह शनि है। यह सबको समान दृष्टि से देखता है। वर्ष वैसे तो व्यापारियों के लिए अच्छा होगा। लेकिन उत्पादन करने वालों को मिलावट या उपभोक्ता से ठगी से पहले सौ बार सोचना होगा।

ज्योतिष के अनुसार वर्ष का राजा शनि कर्म के अनुसार परिणाम देने वाला है। ऎसे में व्यापार के हर कार्य का परिणाम कर्म के अनुरूप होगा।

पंडित “विशाल” दयानंद शास्त्री के अनुसार नए साल में राजनीति में स्थिरता रहेगी, वहीं मंगल का प्रभाव भी दिखाई होगा।

पंडित “विशाल”दयानंद शास्त्री ने शताब्दी पंचांग के हावाले से बताया कि मंगल के प्रभाव से रक्त जनित बीमारियों की आशंका बढ़ सकती है। ऎसे में खासकर खान-पान ध्यान रखना होगा। नया साल व्यापारियों और किसानों के लिए समृद्धि लाने वाला होगा।

वर्ष 2015 दो आषाढ़ का साल बना हैं..
सामान्यत: अंग्रेजी और हिन्दी महिनों में 12 माह होते है लेकिन विक्रम संवत 2072 अधिकमास है। जानकारों के अनुसार हर तीन साल में एक अधिकमास आता है। इस पुरूषोतम मास भी कहा जाता है। इसमें दान पुण्य, धार्मिक पूजा पाठ आदि तो किए जा सकते है लेकिन शुभ कार्य वर्जित होते है।

इस बार अधिक मास आषाढ़ का होगा। इसमें अधिक मास और शुद्ध मास तीन जून से 31 जूलाई के बीच होगा। इस दौरान 17 जुलाई से गुप्त नवरात्र भी होंगे जिसमें मां भगवती की पूजा अनुष्ठान करने से 100 फीसदी लाभ मिलता है।

वर्ष 2015 में गूंजेगी शहनाइयां
नए साल में सावों की धूम रहेगी। शादी की शहनाई 20 अप्रेल से जून के बीच 46 दिन गूंजेगी। जनवरी, मार्च और अप्रेल में विवाह के कई मुहूर्त है। 17 जून से 16 जुलाई तक अधिकमास लगेगा।

25 जुलाई को भड़त्यां नवमी या शुद्ध नवमी को विवाह होंगे वहीं 27 जुलाई देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू हो जाएगा। इसके बाद 31 अक्टूबर को देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह के साथ्ज्ञ शुभ कार्य शुरू होंगे।

वर्ष 2015 के शुभ मुहूर्त
जनवरी – 17, 24, 29 व 31
फरवरी – 10 व 15
मार्च – 9 , 10, 11 व 13
अप्रेल – 21, 27, 28, 29 व 30
मई – 5 से 2 जून तक ज्येष्ठ महीना
जून – 3
जूलाई – 25
अक्टूबर – 31 देव उठनी एकदशी
नवंबर – 26 व 27
दिसंबर – 7, 8, 13 व 14

Indore Dil Se - Jyotish

पंडित “विशाल” दयानन्द शास्त्री
मोब.– +91 96692 90067 (मध्यप्रदेश)
+91 90243 90067 (राजस्थान)
(ज्योतिष,वास्तु एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ),
मोनिधाम (मोनतीर्थ), गंगा घाट,
संदीपनी आश्रम के निकट, मंगलनाथ मार्ग,
उज्जैन (मध्यप्रदेश) – 465006

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