हम सब मिलकर करें स्वस्थ समाज का निर्माण – कलेक्टर

श्योपुर (IDS-PRO) कलेक्टर श्री धनंजय सिंह ने कहा है कि हम सब मिलकर श्योपुर जिले में स्वस्थ समाज का निर्माण करें, इसके लिए तैयार की गई कार्य योजना के अनुसार पूरी ताकत से कार्य करने की आवश्यकता है। इस कार्यशाला में उपयोगी सुझावो से स्पष्ट होता है कि यह अभियान सभी के सहयोग से मूर्त रूप प्राप्त करेगा। वे आज कलेक्टर कार्यालय श्योपुर के सभाकक्ष में आयोजित नशामुक्ति कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

इस कार्यशाला में जिला पंचायत के सीईओ श्री एचपी वर्मा, जिला आबकारी अधिकारी श्री रविन्द्र माणिकपुरी, परियोजना अधिकारी एनआरएलएम श्री शैलेन्द्र सिंह सिसौदिया, महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री राजेश अग्रवाल, सीएमएचओ डाॅ प्रदीप मिश्रा, सिविल सर्जन डाॅ एसके तिवारी, महाप्रबंधक उद्योग श्री एससी रूसिया, प्रबंधक ई-गवर्नेंस श्री मनीष शर्मा, जनपद सीईओ श्री नितिन भट्ट, परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास श्री जितेन्द्र तिवारी, गायत्री शक्तिपीठ के श्री कैलाश पाराशर, श्री आदित्य चैहान, पतंजलि योग समिति के पदाधिकारी, अशासकीय संगठन, पत्रकार और नशामुक्ति अभियान से संबंधित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री धनंजय सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की उपलब्धता को जड़ से खत्म करने की पहल पुलिस प्रशासन के माध्यम से की जावेगी। साथ ही नशे के आदि युवकों से यह प्रवृत्ति समुदाय आधारित काउंसलिंग के माध्यम से छुड़वायी जावेगी। नशा छोड़ने के उपरांत युवकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि श्योपुर जिले को हम सब मिलकर नशामुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे, जो संभव हैं। उन्होंने कहा कि नशे की चेन को तोड़ने के लिए पूरी कार्यवाही की जावेगी।

प्रोजेक्टर के माध्यम से समझायी कार्यक्रम की रूपरेखा
श्योपुर जिले को नशामुक्त बनाने के लिए समुदाय आधारित नशामुक्ति कार्यक्रम तैयार किया गया है। इस अभियान के माध्यम से जिले में बड़ती नशे की आदत को रोकने तथा नशा करने वालो को कांउसलिंग देकर विकसित समाज की मुख्य धारा में जोड़ने की पहल नशामुक्ति अभियान के माध्यम से की जावेगी। इस अभियान के बारे में प्रोजेक्टर के माध्यम से रूपरेखा को समझाया गया। साथ ही उपस्थित बुद्धिजीवियों से सुझाव आमंत्रित किये गए।

प्रोजेक्टर के माध्यम से बताया गया कि नशे के आदि युवको को किसी गैर सरकारी संगठन के द्वारा व्यक्ति से व्यक्तिगत रूप से मिलकर या फिर सामूहिक कार्यक्रम का आयोजन कर उसे नशे से संबधित सभी पहलूओ पर कांउसलिग के माध्मय से समझाईस दी जावेगी। साथ ही उनको नशा छोडने के लिए प्रेरित किया जावेगा। आध्यात्मिक उपचार के अंतर्गत किसी अध्यात्मिक संगठन के माध्यम से योग विज्ञान के अंतर्गत आसन, प्रणायम, ध्यान आदि का प्रशिक्षण देकर नशे की आदत छोडने में व्यक्ति का सहयोग किया जावेगा।

समुदाय कांउसलिग के लिए एक समूह का गठन किया जावेगा। इस समूह में अशासकीय संगठन, चिकित्सक, गांव का एक समझदार युवा, गांव के एक बुजुर्ग व्यक्ति और एक स्कूली छात्र को शामिल किया जावेगा। यह समूह नशा करने वाले व्यक्ति से व्यक्तिगत रूप से मिलकर या फिर समूह में सभी को एकत्रित करके नशा छोड़ने के लिए मित्र वत समझाईस दी जावेगी। साथ ही स्वेच्छा से नशामुक्ति संकल्प भराया जावेगा।

जिला चिकित्सालय में नशा मुक्ति केन्द्र की व्यवस्था
चिकित्सीय उपचार एवं परामर्श के लिए डाक्टर का एक मेडिकल बोर्ड का गठन जिला चिकित्सालय श्योपुर में नशा मुक्ति केेन्द्र के नाम से स्थापित किया जावेगा। जिसके माध्यम से समय-समय पर नशा करने वाले लोगो को समझाया जावेगा कि किन-किन दवाओं के सेवन से उन्हें नशा छोड़ने में मदद मिल सकती है। साथ ही यह प्रयाश किया जावेगा कि नशा मुक्ति से संबधित दवाईया/ओषधियां यथा समय यथा स्थान पर उपलब्ध करा दी जावेगी। साथ ही जिला अस्पताल पर एक हेल्पडेस्क के माध्यम से व्यक्ति को नशा मुक्ति से संबधित जानकारी उपलब्ध कराई जावेगी। नशा मुक्ति अभियान के संबध में पेम्पलेटस, बैनर-पोस्टर, दीवार लेखन, संगोष्ठी के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार किया जावेगा।

वैधानिक कार्यवाही
गैर कानूनी तरीके से ड्रग की हो रही विक्री तथा खरीददारी पर रोक के लिए जिला प्रशासन द्वारा भरसक प्रयास किया जावेगा तथा दोषियो के विरूद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

नशा मुक्ति के माध्यम से समाज की मुख्य धारा से जोड़ना
ऐसे व्यक्ति जिन्होने नशे के कारण अपना बहुत कुछ खो दिया है और वे अब नशा छोड़कर एक आम जीवन बिताना चाहते है उन्हे समाज की मुख्य धारा में लाया जावेगा। इसके लिए शासन द्वारा चलाई जा रही रोजगार योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री युवा उघमी योजना से लाभान्वित करते हुए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जावेगे। इसी प्रकार घर पर या पुस्तकालय में जाकर अच्छा साहित्य पढने के लिए भी प्रेरित किया जावेगा। इसके साथ ही स्वसहायता समूह का गठन कराकर अपनी छोटी बचतो को एकत्रित कर कोई छोटा व्यवसाय शुरू कराने की पहल की जावेगी। इसके अलावा खाली समय में उनकेा प्रशिक्षण भी देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जावेगी।

संस्थागत व्यवस्था
नशा मुक्ति अभियान की सतत् निगरानी तथा सफलता के लिए विकास खण्ड स्तर पर एक समिति एसडीएम की अध्यक्षता में गठित की जावेगी। समिति का उपाध्यक्ष मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सदस्य सचिव जिला आवकारी अधिकारी रहेंगे और समिति के सदस्य के रूप में जिला आयुर्वेद अधिकारी, तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत और बाल विकास परियोजना अधिकारी नियुक्त किया जावेगा।

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