सिद्ध एवं ऐतिहासिक ज्वाला देवी मंदिर

ज्वाला जी या ज्वाला देवी मंदिर भारत के ५१ शक्तिपीठ में एक है, जो कि हिमाचल की कांगरा वैली में स्थित है और यह मंदिर धर्मशाला से ५५ किलोमीटर की दुरी पर है । ऐसा कहा जाता है कि यह सबसे पहले मंदिर है जो की पांडवों द्वारा बनाया गया था ।

ज्वाला देवी मंदिर अन्य मंदिरों की तुलना में अनोखा है क्यूंकि यहां पर किसी देवी मैया की मूर्ति की पूजा नहीं होती बल्कि पृथ्वी से निकल रही नौ ज्वालाओं की पूजा की जाती है ।

इस मंदिर में नौ अलग अलग जगहों से ज्वाला निकल रही है और इन नौ ज्वालाओं को महाकाली, अन्नपूर्णा, चंडी, हिंगलाज, विंध्यवासिनी , महालक्ष्मी, सरस्वती, अम्बिका, अंजीदेवी के नाम से जाना जाता है ।

यह मंदिर को ज्योति वाली देवी के नाम से भी जाना जाता है । इस मंदिर की मान्यता है की यहां पर देवी सती की जीभ गिरी थी इसीलिए इस मंदिर की गिनती ५१ शक्तिपीठों में से होती है । ज्वाला देवी मंदिर बहुत ही सिद्ध शक्तिपीठ है और यहाँ पर हर भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है ।

Indore Dil Se - Historical Place
Picture Courtesy : swikblog

ज्वाला देवी मंदिर का इतिहास :-
इस मंदिर का सबसे पहला निर्माण राजा भूमि चंद्र ने करवाया था। राजा भूमि चंद्र यह जानते थे की यहां पर सती जी की जीभ गिरी थी तथा राजा भूमि चंद्र बहुत वर्षों से यह धार्मिक जगह ढूंढ रहे थे तभी उन्हें एक चरवाहे ने उन्हें बताया की एक पर्वत पर ज्योति जल रही तभी राजा ने वहां जाकर दर्शन करे तथा उस मंदिर का निर्माण कराया। उसके बाद जब पांडव वहां पहुंचे तो उन्होंने दुबारा से उस मंदिर को बनवाया ।

ज्वाला देवी मंदिर से जुडी हुई एक कथा भी है –
वहां के लोग ऐसा बताते है की एक बार अकबर यहाँ मंदिर पर आये उन्हें इस अनोखे मंदिर पर विश्वास नहीं हुआ तभी उन्होंने अपनी सेना से पुरे मंदिर में पानी डलवाया लेकिन माता जी की ज्वाला बिलकुल भी नहीं बुझी । तब अकबर को ज्वाला देवी की महिमा पर यकीन हुआ और उन्होंने देवी माता पर सोने का छतर चढ़ाया लेकिन माता ने उस छतर को कबूल नहीं किया और वह सोने से बदल कर किसी अन्य पदार्थ में परिवर्तित हो गई।

Indore Dil Se - Historical Place
Picture Courtesy : swikblog

मंदिर खुलने और आरती का समय :-
गर्मी के समय : प्रातः ५ बजे
सर्दी के समय : प्रातः ६ बजे
मंगल आरती :
गर्मी के समय : प्रातः ५ से ६ बजे तक
सर्दी के समय : प्रातः ६ से ७ बजे तक
शाम की आरती :
गर्मी के समय : शाम ७ से ८ बजे तक
सर्दी के समय : शाम ६ से ७ बजे तक
मंदिर बंद होने का समय
गर्मी के समय : रात १० बजे
सर्दी के समय : रात ९ बजे

लेखक :- स्वीकृति दंडोतिया

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