“याद”

‘याद’ का ना होना ‘भूलना’ नहीं है
जैसे सुख का ना होना दुख नहीं है
और उम्मीद का ना होना नाउम्मीदी से अलग है

एक समय के बाद
होने और ना होने के बीच
कोई फ़र्क नहीं रह जाता
दुःख की शक्ल सुख से मिलने लगती है
दुःख अंततः अपना लिया जाता है
फिर सुख का एक क्षण भी
व्यवधान सा लगता है

‘याद’ जिए हुए सुख का ही दूसरा नाम है
जहाँ बिसरने को एक पूरी दुनिया है
याद रखने को सिर्फ़ एक लम्हा!

दिसम्बर की एक शाम
तुमने लिखी थी एक याद
मेरे होठों पर
हमारे आलिंगन में उलझ गई थीं
मेरी सुलझी हुई कविताएँ

दिसम्बर ‘याद’ है ‘सुख’ है ‘व्यवधान’ है

अलबत्ता गुज़र के लिए काफ़ी है दिसम्बर,
मग़र तुम्हारे बिना दिसम्बर का लौट आना
ग़ैर-मुनासिब है…

लेखक – सारिका

  • Related Posts

    २०२३ की सबसे शानदार कविता

    एक अकेला पार्थ खडा है भारत वर्ष बचाने को।सभी विपक्षी साथ खड़े हैं केवल उसे हराने को।।भ्रष्ट दुशासन सूर्पनखा ने माया जाल बिछाया है।भ्रष्टाचारी जितने कुनबे सबने हाथ मिलाया है।।समर…

    रंग… अब बिदा भये

    बासन्ती बयारों के संग आये रंग, फ़ागुण में छाए और जमकर बरसे अगले बरस फिर लौटकर आने का वादा कर छोड़ गए अपनी रंगत चौक-चौबारों, गली-मोहल्लों में छोड़ गए अपने…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    इंदौर के इतिहास में पहली बार कांग्रेस प्रत्याशी ने चुनाव मैदान छोड़ा

    • By admin
    • April 30, 2024
    • 885 views
    इंदौर के इतिहास में पहली बार कांग्रेस प्रत्याशी ने चुनाव मैदान छोड़ा

    मध्य प्रदेश में बना दुनिया का सबसे ऊंचा जैन मंदिर

    • By admin
    • April 29, 2024
    • 1070 views
    मध्य प्रदेश में बना दुनिया का सबसे ऊंचा जैन मंदिर

    महाकाल मंदिर में शुल्क देकर भी शीघ्र दर्शन नहीं कर सकेंगे

    • By admin
    • December 27, 2023
    • 1003 views
    महाकाल मंदिर में शुल्क देकर भी शीघ्र दर्शन नहीं कर सकेंगे

    जब दिल ही टूट गया

    • By admin
    • December 27, 2023
    • 1084 views

    चार वेद, जानिए किस वेद में क्या है….?

    • By admin
    • December 21, 2023
    • 1035 views
    चार वेद, जानिए किस वेद में क्या है….?

    भगवान के साथ रोटी

    • By admin
    • December 21, 2023
    • 1107 views
    भगवान के साथ रोटी