बेटियाँ

प्यार का मीठा एहसास हैं बेटियाँ, घर के ऑंगन का विश्वास हैं बेटियाँ… वक़्त भी थामकर जिनका ऑंचल चले, ढलते जीवन की हर श्वास हैं बेटियाँ… जिनकी झोली है खाली…

क्या लाया था

क्या लाया था साथ में जो आया वो जाएगा, दुनिया एक सराय कोई आगे चल दिया, कोई पीछे जाय। क्या लाया था साथ में, क्या जाएगा साथ आना खाली हाथ…

लाचार माँ

” खून की कमी से रोज मरती, बेबस लाचार माँ ” माँ की दवाई का खर्चा, उसे मज़बूरी लगता है उसे सिगरेट का धुंआ, जरुरी लगता है || फिजूल में…

दादी माँ

मेरे मन की, पिता के मन की, सारे भावों को जान लेती है। ज़िन्दगी को मुद्दत से देखती आई है, हर दुख-दर्द को सहती आई है। अपने ऊपर हर कष्ट…

गुलाबी ठंडक-गुलाबी मौसम

बदलने मौसम लगा है आजकल,, शामो-सुबह, ठण्ड थोड़ी बढ़ रही दे रही है रोज दस्तक सर्दियाँ, लोग कहते ठण्ड गुलाबी  पड़ रही रूप उनका है गुलाबी फूल सा, पंखुड़ियों से…

माँ तुझे मै क्या दूँ

ऐ माँ तुम्हे मै क्या दू… तन समर्पित मन समर्पित, जीवन का हर छन समर्पित सोचता हु ऐ माँ तुझे और क्या दूँ … छीर सिन्धु के तेरे अमृत ने,…

अलबेली सरकार सांवरियां

सांवरियां ले चल परली पार कन्हैय्या ले चल परली पार जहाँ विराजे राधा रानी, अलबेली सरकार सांवरियां … गुण अवगुण सब तुझको अर्पण, पाप पुण्य सब तुझको अर्पण, बुद्धि सहित…

शादी. . .

शादी बर्बादी होती है मुरख है जो यह कहते है शादी से तो घर घर होता है वर्ना चिड़िया घर सा होता है बच्चों को माँ जैसे संभालती है पत्निया…

पुष्प

सुन्दरता है पुष्प की उसकी सुरभि से पहन विविध रंगों के परिधान मुस्कुरातें हैं… काँटों में खिलखिलाते हैं चमकता सूरज… गरजता गगन… बावरी पवन रोक नही पाती… इसकी सहज मुस्कान…

अहसास

आओ फिर से जिएँ, सपने को जीवन में बदलने और जीवन को सपने में ! चलो फिर एक बार लिखे, खुशबू से भरे भीगे ख़त ! जिन्हें पढ़ते-पढ़ते भीग जाते…