सप्ताह के सात दिनों की प्रकृति और उनका स्वभाव

वैदिक ज्योतिष में सप्‍ताह के सात दिनों के अनुसार प्रकृति और स्‍वभाव के बारे में बताया गया है। सप्‍ताह के इन सात दिनों पर ग्रहों का अपना असर होता है। यदि मनुष्‍य इन सात दिनों की प्रकृति और स्‍वभाव के अनुसार कार्य करे तो उसके भाग्‍य में वृद्धि हेागी। सप्ताह के सात दिनों की प्रकृति और स्वभाव बताए गए हैं। इन की प्रकृति और स्वभाव के अनुसार कार्यों को करें तो आपको निश्चत ही हर काम में सफलता मिलेगी। इन की प्रकृति और स्वभाव के अनुसार कार्यों को करें तो आपको निश्चत ही हर काम में सफलता मिलेगी। सोचे हुए कार्य पूरे नही होते या उनका काई परिणाम नही मिलता तो उन कार्यों को पुराणों, मुहूर्त ग्रंथों और फलति ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार बताए गए वार को करें। जरूर सफल होंगे।

जीवन को सफल बनाने की कोशिशों में यही पैर न डगमगा जाएं और बिन बाधाओं के आगे बढ़ते रहें, इस भावना के साथ हिन्दू धर्म शास्त्रों में इंसानी मन व जीवन के ज्ञान-विज्ञान को समझते हुए हुए सुबह जागने पर पैरों को जमीन पर रखते समय मंत्र विशेष द्वारा देव स्मरण का महत्व बताया गया है। ताकि देवकृपा से हर कदम सुरक्षित और कामयाबी की मंजिल तक पहुंचने वाला हो।

रविवार – यह सूर्य देव का वार माना गया है। इस दिन नवीन गृह प्रवेश और सरकारी कार्य करना चाहिए। सोने के आभूषण और तांबे की वस्तुओं का क्रय विक्रय करना चाहिए या इन धातुओं के आभूषण पहनना चाहिए। इस वार को जन्मे जातकों का सिर गोल व छोटा, कद लंबा, छाती चौड़ी होती है। ऐसे व्यक्ति साहसी, दानी, हंसमुख, महत्वाकांक्षी होते हैं। ये लोग हार नहीं मानते, पर स्वार्थ की पूर्ति जरूर कर लेते हैं।

सोमवार – सरकारी नौकरी वालों के लिए पद ग्रहण करने के लिए यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है। गृह शुभारम्भ, कृषि, लेखन कार्य और दूध, घी व तरल पदार्थों का क्रय विक्रय करना इस दिन फायदेमंद हो सकता है।इसे चंद्रमा का वार माना जाता है। यह मन का कारक भी है। इस दिन जन्मे जातक बड़े सिर और बड़ी आंखों वाले होते हैं। ये ठिगने होते हैं और कल्पनाशील भी होते हैं। ऐसे लोग मृदुभाषी होते हैं तथा इन्हें यात्रा व लेखन का शौक भी होता है। इनमें भाईचारे की भावना होती है। इस दिन जन्मी स्त्रियों को परिणय संबंध में सावधान रहने की जरूरत होती है।

मंगलवार – मंगल देव के इस दिन विवाद एवं मुकद्दमे से संबंधित कार्य करने चाहिए। शस्त्र अभ्यास, शौर्य और पराक्रम के कार्य इस दिन करने से उस कार्य में सफलता मिलती है। मेडिकल से संबंधित कार्य और ऑपरेशन इस दिन करने से सफलता मिलती है। बिजली और अग्नि से संबधित कार्य इस दिन करें तो अवश्य ही लाभ मिलेगा। सभी प्रकार की धातुओं का क्रय विक्रय करना चाहिए।इस दिन जन्मे जातक सांवले रंग के होते हैं। इनकी गर्दन लंबी होती है। ऐसे लोग साहसी खिलाड़ी, भू माफिया, पुलिस के अधिकारी, सेनाध्यक्ष आदि होते हैं। अगर किसी जातक का जन्म मंगलवार की रात को हुआ हो, तो वे स्वार्थी होते हैं।

बुधवार – इस दिन यात्रा करना, मध्यस्थता करना, योजना बनाना आदि कार्य करने चाहिए। लेखन, शेयर मार्केट का कार्य, व्यापारिक लेखा-जोखा आदि का कार्य करना चाहिए। भगवान गणेश को बुधवार का स्वामी माना जाता है। इस दिन जन्मे जातक छोटे कद के, सामान्य रंग वाले और बहुत ज्यादा बोलने वाले होते हैं। ऐसे लोग वकील या संपादक के पद तक पहुंचते हैं। इस दिन जन्मी महिलाएं शीघ्र रूठने वाली, स्पष्ट बोलने वाली व व्यावसायिक कुशलता से पूर्ण होती हैं।

गुरुवार – बृहस्पति देव के इस दिन यात्रा, धार्मिक कार्य, विद्याध्ययन और बैंक से संबंधित कार्र्य करना चाहिए। इस दिन वस्त्र आभूषण खरीदना, धारण करना और प्रशासनिक कार्य करना शुभ माना गया है।गुरुवार के दिन जन्मे जातकों का शरीर लंबा होता है तथा आवाज भारी होती है। इनका शरीर स्वस्थ रहता है। ऐसे लोग कानूनविद, अधिकारी या जज के अलावा व्यापारी, नेता व अभिनेता बनते हैं। इस दिन जन्मी महिलाएं चरित्रवान, पति की सेविका, कुशल अध्यापिका बनने की क्षमता वाली होती हैं।

शुक्रवार – शुक्रवार के दिन गृह प्रवेश, कलात्मक कार्य, कन्या दान, करने का महत्व है। शुक्र देव भौतिक सुखों के स्वामी है। इसलिए इस दिन सुख भोगने के साधनों का उपयोग करें। सौंदर्य प्रसाधन, सुगन्धित पदार्थ, वस्त्र, आभूषण, वाहन आदि खरीदना लाभ दायक होता है।यह देवी लक्ष्मी का वार माना जाता है। इस दिन जन्मे जातकों का सिर बड़ा और शरीर दुबला-पतला होता है। इनकी बांहें लंबी होती हैं। ऐसे लोग विनोदी प्रकृति के होते हैं तथा फिल्म निर्माता, आभूषण विक्रेता, मिठाई निर्माता होते हैं। इस दिन जन्मी महिलाएं सुंदर, मधुर भाषिणी होती हैं।

शनिवार – मकान बनाना , टेक्रीकल कार्य, गृह प्रवेश, ऑपरेशन आदि काम करने चाहिए। प्लास्टिक , लकड़ी , सीमेंट, तेल, पेट्रोल खरीदना और वाद-विवाद के लिए जाना इस दिन सफलता देने वाला होता है।इस दिन जन्मे जातकों का रंग सांवला होता है। इनकी आवाज कर्कश होती है और ये लोग चुगलखोर, आलसी व क्रोधी स्वभाव के होते हैं। इस दिन जन्मी महिलाएं कटुभाषिणी व पति से अनबन रखने वाली होती हैं। अगर किसी महिला का शनि अच्छे भाव में बैठे हों, तो वह ऐसी महिलाएं किसी कारखाने या मिल की मालकिन एवं श्रेष्ठ राजनीतिज्ञ होती हैं। शनिवार के दिन श्री हनुमान की उपासना में इन मंत्रों का जप और भी असरदार होता है। क्योंकि शास्त्रों में हनुमान भक्ति ग्रहदोष शांति खासतौर पर शनि दशा के बुरे प्रभाव से बचने के लिए बहुत ही शुभ मानी गई है।

यदि वार के साथ साथ यदि शुद्ध महूर्त भी किसी विद्वान से जान लिए जाये तो सोने पर सुहागे का काम करता है.

पंडित “विशाल” दयानन्द शास्त्री,
(ज्योतिष-वास्तु सलाहकार)
राष्ट्रीय महासचिव-भगवान परशुराम राष्ट्रीय पंडित परिषद्

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