गोविंद मालू की महापौर पद के लिए दावेदारी को है वैश्य समाज का समर्थन..?

इंदौर : इंदौर नगर निगम के महापौर पद के लिए बीजेपी प्रत्याशी कौन होगा, इसे लेकर अटकलों का बाजार सरगर्म है। राजनीतिक विश्लेषक अपने – अपने सूत्रों के जरिए गैर राजनीतिक लोगों को भी दावेदार के बतौर पेश कर रहे हैं। सभी के लिए एक बात समान रूप से कही जा रही है, वह है उनकी संघ से नजदीकी। अटकलों और कयासों के बीच एक – दो नाम ऐसे भी सामने आ रहे हैं जिनके पीछे उनका समाज पूरी ताकत से खड़ा है। ये प्रबल दावेदार हैं, गोविंद मालू और सुदर्शन गुप्ता।

वैश्य समाज से ताल्लुक रखते हैं दोनों दावेदार।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता गोविंद मालू और पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता दोनों वैश्य समाज से ताल्लुक रखते हैं। कहा जाता है कि समाज के प्रबुद्धजनों की ओर से महापौर पद के लिए दोनों के नाम आगे बढ़ाए गए हैं।

निर्विवाद और कर्मठ कार्यकर्ता हैं गोविंद मालू।
समग्र वैश्य समाज के अंग माहेश्वरी समाज की युवा इकाई के पदाधिकारी अजय सारडा का कहना है कि गोविंद मालू ने बीजेपी के संघर्ष काल में संभागीय मीडिया प्रभारी सहित संगठन के विभिन्न पदों पर रहते हुए पार्टी को मजबूती देने के हरसंभव प्रयास किए। वे पार्टी का एक ऐसा चेहरा हैं जो कभी विवादों में नहीं रहे। उनकी छवि हमेशा साफ सुथरी रही है। किसी खेमें का हिस्सा वे नहीं रहे। सीएम शिवराज सिंह से उनकी निकटता किसी से छुपी हुई नहीं है।
दूसरे, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा तय मापदंडों को देखा जाए संभागीय चयन समिति में लिए जाने से अन्य दावेदार पहले ही दौड़ से बाहर हो चुके हैं, ऐसे में गोविंद मालू,महापौर पद के लिए बीजेपी प्रत्याशी के बतौर सबसे बेहतर, काबिल और प्रबल दावेदार बनकर उभरे हैं। अगर उन्हें प्रत्याशी बनाया जाता है तो समूचा वैश्य समाज उनके पीछे खड़ा है।

सुदर्शन गुप्ता भी हो सकते हैं प्रत्याशी..!
अजय सारडा का कहना है कि अगर किसी कारणवश गोविंद मालू को टिकट नहीं मिलता तो वैश्य समाज की ओर से पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता भी महापौर पद के दावेदार हैं। वे एक बार विधायक रह चुके हैं। पिछले चुनाव में संजय शुक्ला से वे थोड़े अंतर से हारे थे। उन्हें बीजेपी महापौर पद का प्रत्याशी बनाती है तो वे भी मजबूत प्रत्याशी साबित होंगे जो धनबल और बाहुबल से परिपूर्ण कांग्रेस के प्रत्याशी संजय शुक्ला को हराने की कूवत रखते हैं। वैश्य समाज का पूरा सहयोग और समर्थन भी उन्हें मिलेगा।

Related Posts

जब दिल ही टूट गया

मंत्री मंडल बनने से पहले की रात कई “माननीयों” पर भारी रही। जब तक नामों की पोटली नहीं खुली थी, उम्मीद ज़िंदा थी। तब नींद में गुनगुनाया करते थे, “शब-ए-इंतेज़ार”…

भगवान के साथ रोटी

एक 6 साल का छोटा सा बच्चा अक्सर भगवान से मिलने की जिद्द किया करता था। उसकी अभिलाषा थी, कि एक समय की रोटी वह भगवान के साथ खाए… एक…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

इंदौर के इतिहास में पहली बार कांग्रेस प्रत्याशी ने चुनाव मैदान छोड़ा

  • By admin
  • April 30, 2024
  • 943 views
इंदौर के इतिहास में पहली बार कांग्रेस प्रत्याशी ने चुनाव मैदान छोड़ा

मध्य प्रदेश में बना दुनिया का सबसे ऊंचा जैन मंदिर

  • By admin
  • April 29, 2024
  • 1108 views
मध्य प्रदेश में बना दुनिया का सबसे ऊंचा जैन मंदिर

महाकाल मंदिर में शुल्क देकर भी शीघ्र दर्शन नहीं कर सकेंगे

  • By admin
  • December 27, 2023
  • 1039 views
महाकाल मंदिर में शुल्क देकर भी शीघ्र दर्शन नहीं कर सकेंगे

जब दिल ही टूट गया

  • By admin
  • December 27, 2023
  • 1125 views

चार वेद, जानिए किस वेद में क्या है….?

  • By admin
  • December 21, 2023
  • 1079 views
चार वेद, जानिए किस वेद में क्या है….?

भगवान के साथ रोटी

  • By admin
  • December 21, 2023
  • 1148 views
भगवान के साथ रोटी